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<p style="text-align: justify;"><span style="font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 16px;">* भारत माता की जय, दुर्गा मैया की जय, सभी बहनों, भाइयों, भांजे और भांजियों की जय!<br><br>* सबसे पहले सभी को नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। सर्वमंगल मंगले शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते!<br><br>* दुर्गा मैया आप सब पर कृपा और आशीर्वाद की वर्षा करें। आप सब सुखी रहें, निरोग रहें, आपका मंगल हो और आप सबका कल्याण हो। आपके घर सुख, समृद्धि, रिद्धि-सिद्धि आए और घर-आंगन खुशियों से भर जाएं, यही मैया से मेरी हाथ जोड़कर प्रार्थना है।<br><br>* आज के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एक-दो नहीं, तीन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पूरी 46 सड़कों का भूमि पूजन हो रहा है।<br><br>* इस कार्यक्रम में हमारे प्रदेश के भाजपा उपाध्यक्ष, पूर्व कैबिनेट मंत्री और यशस्वी विधायक आदरणीय डॉ. प्रभुराम चौधरी जी, जिला भाजपा अध्यक्ष राजेश शर्मा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा जी, सांची नगर पंचायत अध्यक्ष पप्पू रेवाराम अहिरवार जी, जनपद अध्यक्ष अर्चना पोर्ते जी, नगर पंचायत उपाध्यक्ष राजसिंह राजपूत जी, जमुना सेन जी, विनोद बघेल जी, दातार सिंह जी, बलराम जी, जवाहर सिंह जी सहित इतने महत्वपूर्ण लोग उपस्थित हैं, जो भारतीय जनता पार्टी की नींव के पत्थर हैं और इस कारवां को लगातार आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।<br><br>* समय की सीमा है। इसलिए मंच पर उपस्थित सभी लोगों और नवरात्रि के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में आए मेरे बहनों, भाइयों, भांजे और भांजियों को दोनों हाथ जोड़कर और शीश झुकाकर प्रणाम करता हूं।<br><br>* जब पंडित जी प्रसाद बांटते हैं, तो थोड़ा कंजूसी से बांटते हैं। सबको प्रसाद मिल जाए, लेकिन बांटते-बांटते किसी को मुट्ठी भरकर ज्यादा दे देते हैं।<br><br>* जब सड़कों की बारी आई, तो अब मैं भारत सरकार में ग्रामीण विकास विभाग का मंत्री हूं और ये सड़कें ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत आती हैं। इसलिए हमने पहले डॉ. प्रभुराम चौधरी जी के साथ तय किया कि कोई कसर नहीं छोड़नी है और सड़कें ढंग से बननी चाहिए। दाएं-बाएं, इधर-उधर सभी क्षेत्र जुड़ने चाहिए।<br><br>* यहां हमारे कई सरपंच साथी, जनपद सदस्य और पार्षद साथी उपस्थित हैं। कमल सोलंकी, एसपीआरजी जीएम पीएमजीएसवाई, इन्होंने भी बड़ी मेहनत की। मैंने कहा कि प्रस्ताव भेजने में कोई कसर मत छोड़ना। जहां से भी संभव हो, प्रस्ताव भेज दो।<br><br>* डॉ. साहब और उनकी पूरी टीम ने मेहनत की। राकेश जी, डमरू भैया और सभी लोगों ने मेहनत करके जितने क्षेत्र दाएं-बाएं से जुड़ सकते थे, सीधे नहीं तो आड़े-टेढ़े, सभी को जोड़ने के प्रयास किए।<br><br>* मैं हमारे जीएम आरी जी को भी बधाई देता हूं। बहुत विधिपूर्वक और तरकीब से एक साथ 46 सड़कों के लिए पैसा मंजूर हो गया।<br><br>* डॉ. साहब आपके सामने सड़कों के नाम बता रहे थे, लेकिन मेरे पास नाम गिनाने का समय नहीं है। आपने मुझे सांसद बनाया, एक बार नहीं, दो बार नहीं, छह बार सांसद बनाया और फिर मंत्री बनाया। जब आपने कोई कसर नहीं छोड़ी, तो मामा काहे को कसर छोड़ें?<br><br>* ये सड़कें बनवाने के लिए पत्थर तो लग गए, लेकिन इन पत्थरों का महत्व तभी है, जब ये गांव में जाकर लगें। ऐसा न हो कि कोई इन्हें भूल जाए और यहां रख दे। आपने सही कहा कि अपने कार्यकर्ताओं के साथ इन पत्थरों को उस गांव में ले जाकर लगाएं, जहां सड़क बननी है। सड़क का निर्माण शुरू होने पर गांव के बीच में शिलान्यास करें, ताकि गांव के लोगों और सभी कार्यकर्ताओं को आनंद मिले। मेरा पूरा विश्वास है कि ये सभी सड़कें अच्छी बनेंगी।<br><br>* सांची अद्भुत है। यह विधानसभा भी अद्भुत है। तीन लोक से न्यारी सांची हमें जान से प्यारी।<br><br>* सांची में जितने विकास के काम हो रहे हैं, वे सब डॉ. साहब ने भी गिनाए और पप्पू जी भी गिना रहे थे। एक चीज उन्होंने बताई कि अपना सुंदर रेलवे स्टेशन आपने देखा ही है। अब रेलवे स्टेशन की शोभा कुछ और ट्रैक मिल जाएं, तो और बढ़ जाएगी, जैसा आप कह रहे थे। उसकी भी एक सीमा होती है, हम जानते हैं। उसके लिए भी निश्चित तौर पर प्रयत्न किया जाएगा।<br><br>* नगर पंचायत का ₹1 करोड़ 70 लाख का सुंदर भवन बना है। मैं अध्यक्ष जी, उपाध्यक्ष जी और सभी पार्षद भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।<br><br>* भवन बहुत अच्छा बन गया है, लेकिन इस अच्छे भवन से जनता की समस्याएं लगातार हल होती चली जाएं, यह जरूरी है।<br><br>* बीच में हमने देखा कि यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान तो मिल गए थे, लेकिन पट्टों की दिक्कत थी। हमने भोपाल में बैठक की और अधिकारियों को बुलाया।<br><br>* मुझे कहते हुए खुशी है कि रायसेन के कलेक्टर रहे अरुण विश्वकर्मा जी, जो अभी जबलपुर में हैं, और उनकी टीम ने काम किया। मैं उन्हें बहुत बधाई देता हूं। कई लोगों के पट्टे बनकर उन्हें मिल गए हैं। जब पट्टे नहीं होंगे, तो मकान कहां मिलेंगे? अब पट्टे बन गए हैं, तो उन पर मकान भी बनेंगे।<br><br>* सांची की एक समस्या थोड़ी विकराल है, क्योंकि पूरा क्षेत्र पुरातत्व के अंतर्गत आता है। हम एक बार मंत्री जी से मिलने गए थे। दोबारा भी कोशिश करेंगे कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकल जाए।<br><br>* मेरे बहनों और भाइयों, आप कल्पना करके देखो कि जब कांग्रेस की सरकारें थीं, तब कितने बेहाल होते थे। अब गांव-गांव में सड़कों के जाल से लेकर व्यवस्थाओं का विस्तार हुआ है। आज मेरे पास इन सबका विस्तार से बताने का समय नहीं है।<br><br>* हमारी कोशिश है कि जनता की जिंदगी कैसे बदलें। इसलिए केवल सड़क ही नहीं, सड़क के साथ-साथ मेरे विभाग का दूसरा काम सबके मकान बनाना भी है। गरीबों के मकान बन जाएं, शहरी क्षेत्र में भी और ग्रामीण क्षेत्र में भी।<br><br>* मेरी बहनों, मकान की गृहलक्ष्मी तो तुम ही हो। तुम्हें घर की ज्यादा चिंता रहती है कि घर बन जाए।<br><br>* जब से मैं ग्रामीण विकास मंत्री बना हूं, केवल सांची के आंकड़े बता रहा हूं। वर्ष 2025-26 में 3,081 मकान स्वीकृत हुए थे और वर्ष 2024-25 में 5,035 मकान स्वीकृत हुए हैं। ये मकान उन ग्रामीण बहनों और भाइयों को मिलेंगे, जिनके पास पक्के घर नहीं हैं।<br><br>* प्रधानमंत्री जनमन योजना में 218 मकान स्वीकृत किए गए और धरती आबा योजना में भी 246 मकान स्वीकृत हुए।<br><br>* आज सुन लो, हमने सर्वे करवाया कि सांची विधानसभा में कितने मकान और चाहिए। सर्वे में सामने आया कि 22,477 मकान चाहिए।<br><br>* मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जिनके कच्चे मकान हैं और जिनका सर्वे हो गया है, उन सबको पक्के मकान बनाने के लिए पैसा दिया जाएगा।<br><br>* एक घर तो चाहिए, जहां गरीब भाई-बहन भी अपने बेटा-बेटी के साथ सर्दी, गर्मी और बरसात में आराम की नींद सो सकें। एक घरौंदा सबको चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हम वह घर देने का काम करेंगे।<br><br>* अभी लखपति दीदी की बात हो रही थी। डॉ. साहब भी आपसे कह रहे थे। मेरे बहनों और भाइयों, सड़क चाहिए, पुल-पुलिया चाहिए, स्कूल चाहिए, अस्पताल चाहिए। सांची को भी अस्पताल मिला है। क्या कोई ऐसे अस्पताल की कल्पना करता था?<br><br>* मेरे बेटे-बेटियां यहां बैठे हैं। मेरे दिल में बड़ी हसरत थी कि हमारे बच्चों के लिए सरकारी स्कूल को निजी स्कूल से अच्छा कैसे बनाऊं। मेरे दिमाग में कल्पना आई कि बढ़िया मकान बना मामा, बढ़िया स्कूल बना मामा। इसलिए हमने सीएम राइज योजना बनाई।<br><br>* सांची के इस स्कूल की बिल्डिंग देख रहे हैं। कैसी है बेटा-बेटियों, जोर से बताओ? कितनी जोर से बोल पाए! जितने बच्चे खुलकर बोलते हैं, बड़े नहीं बोलते, जरा शर्माते हैं।<br><br>* बच्चों के अंदर तो सचमुच भगवान ही होता है। इन सीएम राइज स्कूलों का नाम अब मुख्यमंत्री जी ने संदीपनि विद्यालय कर दिया है। ये स्कूल किसी भी निजी स्कूल से बहुत बेहतर हैं।<br><br>* मेरी कल्पना थी कि गरीब और किसान के बेटा-बेटियों को भी अच्छी शिक्षा मिले। वे निजी स्कूल की तरफ न जाएं। इसलिए इन स्कूलों में प्लेग्राउंड, लैब, लाइब्रेरी, डांस, स्मार्ट क्लास सहित निजी स्कूलों से कई गुना अच्छी व्यवस्थाएं हैं। हमारे बच्चों को बस लेने जाती है और बस छोड़ने आती है।<br><br>* मेरा विश्वास है कि हमारे बच्चे पढ़ाई के क्षेत्र में चमत्कार करेंगे। ऐसे स्कूल बने हैं, तो बच्चों की पढ़ाई भी अच्छी हो, इसका बेहतर इंतजाम किया जाएगा।<br><br>* मैं अपनी बहनों और भाइयों से कहना चाहता हूं कि लंबी बात नहीं करूंगा, लेकिन एक योजना और बनाई है। यहां डॉ. साहब, राकेश जी, बबलू भैया, जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष और सरपंचगण बैठे हैं। भारत सरकार ने मेरे ही विभाग से एक पायलट प्रोजेक्ट मंजूर किया है कि हम हर परिवार को एक आजीविका से जोड़ेंगे। किसी परिवार को आजीविका के बिना नहीं रहने देंगे।<br><br>* भूखे भजन न होय गोपाला, धरलो अपनी कंठी माला। रोटी तो चाहिए। मेरा सपना गरीबी मुक्त गांव बनाने का है। इसकी ट्रेनिंग शुरू होगी और धीरे-धीरे परिवारों को रोजगार से जोड़ते जाएंगे।<br><br>* मेरी दीदियों, नवदुर्गा, आज अष्टमी है। मेरी बहनों, तुम अनंत शक्तियों का भंडार हो। एक बात सुन लेना, प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि कोई बहन गरीब नहीं रहेगी। हर दीदी को लखपति दीदी बनाया जाएगा।<br><br>* मैं मजाक नहीं कर रहा हूं। लखपति दीदी योजना चल रही है। यहां स्वयं सहायता समूहों की बहनें बैठी होंगी। समूह में कौन-कौन है, हाथ उठाओ। ये हमारी समूह की बहनें हैं।<br><br>* इन बहनों के समूह बनेंगे, समूहों को प्रशिक्षण मिलेगा और बैंकों से लोन मिलेगा। आने वाले पांच साल में देशभर के समूहों को ₹10 लाख करोड़ का लोन मिलेगा। हर परिवार को काम-धंधे से जोड़ेंगे। बहनें गरीब नहीं रहेंगी, आंसू नहीं बहाएंगी, काम करेंगी और लखपति दीदी बनेंगी।<br><br>* लखपति दीदी का मतलब है कि बहनें कम से कम ₹1 लाख कमाएं। अभी सांची में लगभग 6,000 लखपति दीदियां हैं। इस साल हमारा लक्ष्य 5,000 और लखपति दीदियां बनाने का है। 6,000 बन गई हैं, अब 5,000 और बनानी हैं। इसके बाद भी यह काम जारी रहेगा।<br><br>* मेरा लक्ष्य है कि सबसे पहले सभी बहनों को समूह में शामिल किया जाए। दूसरे, समूहों को काम-धंधे और रोजगार से जोड़ने के लिए बैंकों से पैसे की व्यवस्था की जाए। तीसरे, बहनें जो चीजें बनाती हैं, उनकी मार्केटिंग और ब्रांडिंग करके बिक्री की व्यवस्था की जाए। चौथे, जो समूह अभी पैसे नहीं कमा रहे हैं, उन्हें काम-धंधे से जोड़ा जाए और जो कमा रहे हैं, उनकी बहनों को लखपति बनाया जाए।<br><br>* हमने यह भी तय किया है कि अगर कोई दीदी अकेले अपना काम-धंधा शुरू करना चाहती है, तो उसे भी बैंक से ऋण दिलाया जाएगा। अगले पांच वर्षों में इसके लिए ₹1 लाख करोड़ की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी को ₹1 लाख, किसी को ₹2 लाख और किसी को ₹5 लाख तक का ऋण दिया जाएगा, ताकि वह अपना बिजनेस और व्यापार शुरू करके आमदनी बढ़ा सके।<br><br>* बताओ मेरी बहनों, गरीब रहना चाहिए क्या कोई? नहीं! जोर से बोलो, नहीं! हम गए जमाने गरीबी के। गरीब नहीं रहना है, आगे बढ़ना है, हाथ नहीं फैलाना है। अपने परिवार की आमदनी बढ़ाकर देश को समृद्धि और विकास के रास्ते पर ले जाना है। इसके लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम सब काम कर रहे हैं।<br><br>* हमारा काम केवल ऐसा नहीं है कि वोट लिए और निकल लिए। आप तो हमारा परिवार हैं। मैं बहनों में हमेशा देवी के दर्शन करता हूं। जीवित जागृत देवी अगर कोई हैं, तो हमारी बहनें और बेटियां हैं। ये सचमुच जीवित जागृत देवियां हैं।<br><br>* आज बेटियों की पूजा करके कार्यक्रम शुरू किया, तो इसका संदेश यही है कि बहनों और बेटियों का सम्मान करो। जहां मां, बहन और बेटियों का सम्मान होता है, भगवान वहीं निवास करते हैं और देवता वहीं रहते हैं। नवरात्रि में हम सब यह संकल्प लें कि उनका सम्मान करेंगे।<br><br>* किसान भाइयों, रायसेन जिले में भी किसानों को प्रशिक्षण के लिए भेज रहा हूं। अलग-अलग जगहों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पूरे हिंदुस्तान के बेहतर प्रशिक्षण संस्थानों में मेरे विभाग और कृषि विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। कई समूह जा चुके हैं और कई को और ले जाना है।<br><br>* खेती भी पूरी बदलनी है। बदलने का मतलब यह नहीं है कि गेहूं और धान पैदा करना बंद कर दो। इसका मतलब है कि अपनी जलवायु और मिट्टी के अनुकूल कौन-सी फसलें, फसलों की कौन-सी किस्में, कौन-से फल, फूल और सब्जियां उगानी हैं, यह तय करना है। इसके बाद फूड प्रोसेसिंग की तरफ बढ़ना है।<br><br>* सबसे पहले किसानों को प्रशिक्षण दिलाना है। खरीफ की फसल में हमने कुछ डेमोंस्ट्रेशन लगवाए थे। अब रबी की फसल में भी कई किसानों के खेतों में डेमोंस्ट्रेशन लगाए जाएंगे।<br><br>* अच्छे बीजों के माध्यम से बेहतर उत्पादन लेने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि उत्पादन बढ़े और किसान की आमदनी बढ़े। मेरे किसान भाइयों, आपकी ट्रेनिंग पर हम पूरी ताकत के साथ ध्यान दे रहे हैं।<br><br>* आज किसानों की सभी योजनाओं पर चर्चा करने नहीं आया हूं, क्योंकि समय की कमी है और मुझे दूसरे कार्यक्रमों में भी जाना है।<br><br>* सरपंच मित्र यहां बैठे हैं। जनपद पंचायत के सदस्यों ने मिलने के लिए कहा है। मैं आपसे मिलूंगा। कमल सोलंकी जी, विकसित भारत जी राम जी योजना पर हमें एक प्रशिक्षण कार्यशाला करनी है।<br><br>* विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत मार्च तक देशभर में ₹1,51,282 करोड़ खर्च होने हैं। अकेले मध्य प्रदेश में ₹10,000 करोड़ से ज्यादा खर्च होने हैं।<br><br>* इसमें हम विकसित गांव की पूरी रूपरेखा बनाएंगे। विकसित गांव में क्या-क्या चाहिए, चाहे सड़क चाहिए, कोई बिल्डिंग चाहिए, आंगनबाड़ी भवन चाहिए, आजीविका से संबंधित काम चाहिए या खेत तक सड़क बनानी है, ऐसे 373 काम इसमें किए जा सकते हैं।<br><br>* इन कामों की योजना कहां बनेगी? दिल्ली और भोपाल में नहीं, आपके गांव की ग्राम सभा में बनेगी। अब ऊपर से काम नहीं थोपे जाएंगे। गांव में जिस काम की जरूरत है, वही काम गांव में किया जाएगा।<br><br>* इसलिए कार्यशाला करके पूरी प्रक्रिया समझेंगे, ताकि अधिक राशि अपने गांव में ला सकें। इसमें मैं आपको पूरा सहयोग करूंगा। मैं आपका मित्र हूं, आपका साथी हूं।<br><br>* डॉ. साहब, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष और संगठन के साथियों के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि गांवों के विकास के लिए अधिकतम पैसा आ सके।<br><br>* मेरे बेटे-बेटियां आज यहां बैठे हैं। सचमुच मेरी जिंदगी के सबसे खुशी के पल वे होते हैं, जब मैं अपने बच्चों और भांजे-भांजियों के बीच होता हूं।<br><br>* मेरे बेटा-बेटियों, ढंग से पढ़ो। हमने कई तरह की व्यवस्थाएं सोची हैं। अभी रायसेन में मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे थे।<br><br>* हमने तय किया है कि सांची विधानसभा में दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में नंबर 1, 2 और 3 पर आने वाले विद्यार्थियों को मामा लैपटॉप दिलवाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई और बेहतर हो सके।<br><br>* केवल इतना ही नहीं, रायसेन में कोचिंग क्लास शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। सरकारी नौकरियों की भर्ती में हमारे बच्चे पीछे न छूट जाएं, इसलिए अगले महीने से रायसेन में निशुल्क मामा कोचिंग क्लास भी शुरू कर दी जाएगी।<br><br>* जिन बच्चों को जरूरत होगी, वे इन कोचिंग क्लास में पढ़ सकेंगे।<br><br>* जो बच्चे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन काम-धंधे के लिए प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, उनके लिए भी योजना बनाई है। आरसेटी के माध्यम से अलग-अलग काम-धंधों की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।<br><br>* एक बैच का प्रशिक्षण चल रहा है या पूरा होने की प्रक्रिया में है। इसके बाद दूसरे बैच का प्रशिक्षण शुरू होगा।<br><br>* ब्यूटीशियन, टेलरिंग और कई तरह के कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे बच्चे अपना काम-धंधा शुरू कर सकेंगे या नौकरी प्राप्त कर सकेंगे।<br><br>* जो अपना काम-धंधा शुरू करेंगे, उनके लिए बैंक से लोन की व्यवस्था करेंगे। जिन्हें रोजगार चाहिए, उन्हें नौकरी दिलाने के प्रयास भी करेंगे। यह ट्रेनिंग इसलिए शुरू की है, ताकि बच्चे केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहें, बल्कि अपना काम-धंधा कर सकें या निजी क्षेत्र में नौकरी प्राप्त कर सकें।<br><br>* हमारे क्षेत्र में कोई भाई-बहन दिव्यांग हैं और उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होती है, तो हम उन्हें मोटर वाली साइकिल दे रहे हैं, ताकि उन्हें परेशानी न हो।<br><br>* खेलकूद भी जरूरी है। बेटा-बेटी, खेलकूद जरूरी है कि नहीं? अब फिर से प्रेम सुंदर सांसद खेलकूद महोत्सव शुरू होने वाला है। पिछले साल रायसेन में आपने देखा था कि गांव-गांव में आयोजन हुआ था।<br><br>* इस बार केवल बच्चों का ही नहीं, बल्कि बहनों का भी खेलकूद गांवों में करवाएंगे। बहनों को मुस्कुराने का मौका मिलना चाहिए।<br><br>* रस्साकशी, चम्मच दौड़ और कुर्सी दौड़ जैसे खेल होंगे। जो बहनें जीतेंगी, उन्हें इनाम दिया जाएगा। सास-बहू के बीच भी रस्साकशी करवाएंगे, ताकि घर में आनंद का वातावरण बने।<br><br>* बहनों की जिंदगी में खुशी के पल आ ही नहीं पाते। उन्हें हंसने-बोलने और मनोरंजन का अवसर मिलना चाहिए। इससे उनका शरीर भी स्वस्थ रहेगा। इस बार बहनों के खेल भी करवाएंगे।<br><br>* समय भी शुरू करवा देंगे, ताकि जिंदगी में हंसी-खुशी और खुशहाली आए और आपकी जिंदगी बेहतर बने। यही हमारे जीवन का लक्ष्य है।<br><br>* मैं सांची और रायसेन जिले के नेतृत्व को बहुत बधाई देता हूं। डॉ. साहब, अध्यक्ष जी, बबलू जी, राकेश जी, जनपद अध्यक्ष जी, नगरपालिका और नगर पंचायत के अध्यक्षों, सभी सरपंचों और पार्षद भाई-बहनों से कहता हूं कि डटकर काम करो।<br><br>* एक बात और, नगरपालिका में जितने स्ट्रीट वेंडर अभी बचे हैं, जिन्हें लोन नहीं मिला है, उनकी सूची बनाकर एक साथ फॉर्म भरवाओ। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत सभी के ऋण मंजूर करवाए जाएंगे, ताकि उन्हें काम-धंधे के लिए ₹15,000 मिल सकें।<br><br>* इस बार हमने युद्ध स्तर पर तैयारी की है। हमारी बेटियां जो सरकारी स्कूल में दसवीं और बारहवीं में पढ़ी हैं और अब कॉलेज में प्रवेश ले चुकी हैं, उन्हें पढ़ाई के लिए ₹4,000 प्रति माह स्कॉलरशिप मिले, इसकी पूरी व्यवस्था की है।<br><br>* यह जिंदगी बदलने का प्रयास है और हम लगातार इस प्रयास में लगे हुए हैं।<br><br>* दुर्गा मैया हम सबको शक्ति दें, ताकि बेहतर ढंग से काम करके आपकी जिंदगी में हंसी-खुशी और मुस्कराहट ला सकें। अगर हम ऐसा कर पाए, तो मेरी जिंदगी सफल हो जाएगी और मेरा सांसद-मंत्री बनना सफल हो जाएगा।<br><br>* हमारी सक्षम टीम योजनाएं बनाकर यहां से भेजती है। भारत सरकार की ओर से हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। आप योजनाएं बनाकर भेजिए, वहां से भी मंजूर करवाएंगे और यहां से भी प्रयास करेंगे।<br><br>* मुख्यमंत्री जी और राज्य सरकार से बात करके यहां के लिए सभी योजनाएं स्वीकृत करवाएंगे।<br><br>* आप सबको नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आप सबको प्रणाम। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय, दुर्गा भवानी की जय, भारत माता की जय!<br><br>* एक बार फिर नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। धन्यवाद, प्रणाम, नमस्कार।</span></p>








