गोवा की धरती को नमन।
गोवा की प्रकृति को नमन।
गोवा की संस्कृति को नमन।
गोवा के संस्कारों को नमन।
सचमुच, गोवा की यह पवित्र भूमि अद्भुत है।
गोवा यानी 'अतिथि देवो भव:'।
दुनिया भर से आने वाले मेहमानों को अपना अतिथि मानने वाला गोवा है।
गोवा यानी 'वसुधैव कुटुंबकम्'।
दुनिया के किसी भी कोने से कोई आए, गोवा उसे अपने दिल
में समा लेता है। यही सच्चा गोवा है।
गोवा यानी समुद्र की अपारता,
सह्याद्रि का साहस
और संस्कृति की सुगंध।
गोवा यानी आस्था भी और आनंद भी।
सचमुच, जो एक बार गोवा आता है, वह गोवा का होकर ही रह जाता है।
ऐसे पवित्र गोवा की जनता को एक बार फिर बारंबार प्रणाम करता हूँ,
नमस्कार
करता हूँ।
प्रधानमंत्री जी ने 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर
भारत' का विजन दिया है। लेकिन विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का आदर्श
मॉडल अगर किसी ने प्रस्तुत किया है, तो डॉक्टर प्रमोद सावंत जी ने गोवा की इस
पवित्र धरती पर करके दिखाया है।
एक बार जोरदार तालियों से उनका स्वागत कीजिए।
अभी हमने पूरी कहानी देखी। अब इसे कहने की जरूरत नहीं है।
हितग्राहियों ने स्वयं अपनी जुबानी पूरी कहानी हमारे सामने रख दी है। यह सेवा की
कहानी है।
अलग-अलग योजनाओं के हितग्राहियों को जिस तरह लाभ वितरित किया गया,
उससे 'स्वयंपूर्ण
गोवा' की पूरी तस्वीर हमारे सामने उभरकर आ गई है।
मैं जब गोवा की बात करता हूँ, तो सचमुच लगता है
कि G यानी Growth और Glorious।
O यानी Opportunity और Optimism।
A यानी Aspirations और Achievement।
इन तीनों अक्षरों और इन छह शब्दों में 'स्वयंपूर्ण गोवा'
पूरी
तरह समाया हुआ है।
मैं एक बार फिर आप सभी को बधाई देना चाहता हूँ।
आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती है। बापू के चरणों में नमन
करता हूँ। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री जी के चरणों में
भी प्रणाम करता हूँ।
मेरे प्रिय बहनों और भाइयों,
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत जी ने मनोहर पर्रिकर जी द्वारा गोवा के
विकास की जो मजबूत नींव रखी गई थी, उस पर विकास का भव्य महल खड़ा करने का
काम किया है।
आज आप गोवा में कहीं भी चले जाइए, चारों तरफ शानदार
सड़कें, फ्लाईओवर, एयरपोर्ट और आधुनिक सुविधाएँ दिखाई देती हैं। सचमुच, देखते
ही रह जाते हैं।
हर तरफ गुड गवर्नेंस के दर्शन होते हैं।
मैं गोवा के विकास की पूरी कहानी विस्तार से नहीं बताना चाहता,
लेकिन
मनोहर पर्रिकर एयरपोर्ट को देखिए, क्या बात है!
जुआरी ब्रिज को देखिए। आज मैं मुख्यमंत्री जी से कह रहा था कि वहाँ
जाकर थोड़ा वीडियो बनाऊँगा।
यहाँ के एलिवेटेड रोड और गोवा के विकास की पूरी कहानी मैं देश के
सामने रखूँगा और बताऊँगा कि अगर किसी प्रदेश को स्वयंपूर्ण बनाना है, तो
गोवा के मॉडल से सीखना चाहिए।
यह एक ऐसा अद्भुत नेतृत्व है, जिसने विकास के
विजन को जमीन पर उतारने का काम किया है।
अब 'स्वयंपूर्ण गोवा' का मतलब क्या है?
जो कल्पना आपने अभी हमारे सामने रखी, वह है हर घर जल।
कोई घर बिना पानी के नहीं रहेगा।
हर घर में बिजली।
हर नागरिक को अपना घर।
अभी जब मैं ग्रामीण विकास मंत्री बना, तो प्रमोद जी,
हम
हिसाब लगा रहे थे कि किस राज्य को कितने मकान देने हैं, जहाँ लोगों के
कच्चे घर हैं।
मुझे आश्चर्य हुआ कि गोवा में तो मुश्किल से करीब 500
कच्चे घर बचे हैं। हिसाब-किताब करने के बाद केवल 595 कच्चे घर सामने
आए।
मैं उनकी स्वीकृति का पत्र भी लेकर आया हूँ।
गोवा में अब कोई भाई-बहन कच्चे मकान में नहीं रहेगा। हर परिवार के
पास अपना पक्का घर होगा।
आपने स्वयंपूर्ण गोवा की जो कल्पना की है, उसमें हर घर में
बिजली, हर घर में शौचालय, किसान क्रेडिट कार्ड, सॉयल
हेल्थ कार्ड, दिव्यांग सहायता कोष, स्वास्थ्य सुरक्षा, बहनों
के लिए सामाजिक सुरक्षा, गृह आधार योजना के माध्यम से वित्तीय
सहायता, आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री
सुरक्षा बीमा योजना, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और 'सरकार तुमच्या दारी' जैसी
योजनाएँ इसी भावना को आगे बढ़ाती हैं।
यह भाजपा के अंत्योदय का साकार स्वरूप है।
लोग सरकार के पास नहीं जाते, बल्कि 'स्वयंपूर्ण गोवा'
कार्यक्रम
के माध्यम से सरकार स्वयं लोगों के घर तक पहुँचती है और उन्हें योजनाओं का लाभ
देती है।
यह पूरे हिंदुस्तान के लिए सीखने योग्य काम है।
अभी हमने देखा कि अलग-अलग विभागों के अधिकारी और कर्मचारी पिछले छह
वर्षों से 14 से अधिक सरकारी विभागों के माध्यम से ग्राम पंचायतों और नगरपालिकाओं
में विशेष अभियान चलाकर लोगों को योजनाओं का लाभ पहुँचा रहे हैं।
गोवा की सरकार समग्र विकास के विजन के साथ काम कर रही है।
एक तरफ भाजपा सरकार 'गोल्डन गोवा' का निर्माण कर रही
है। लेकिन आज पूरा देश कह रहा है, 'Well Done Goa! Well Done Pramod
Sawant!'
और यह 'Well Done' हम यूँ ही नहीं कह रहे हैं।
प्रति व्यक्ति आय के मामले में हिंदुस्तान में सबसे आगे अगर कोई
राज्य है, तो वह गोवा है। Well Done Goa!
गोवा के हाईवे देखिए, कहेंगे Well Done Goa!
गोवा का एयरपोर्ट देखिए, कहेंगे Well Done Goa!
गोवा का विकास देखिए, कहेंगे Well Done Goa!
इसलिए गोल्डन गोवा और Well Done Goa।
गोवा बहुत अच्छा कर रहा है और आज दुनिया को गोवा से सीखने की जरूरत
है।
आज हमने अनेक योजनाओं का शुभारंभ किया है। मैं उन्हें विस्तार से
दोहराना नहीं चाहता, लेकिन 'Goa Fresh' ब्रांड का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब गोवा में क्या कमी है?
यहाँ की मिट्टी, यहाँ की धरती, यहाँ की जलवायु,
यहाँ
की वर्षा। यहाँ इतना सुंदर धान पैदा होता है।
यहाँ नारियल के पेड़ हैं, नारियल पानी है और काजू है।
हिंदुस्तान में काजू की बात होती है, तो सबसे पहले गोवा
का नाम आता है।
यहाँ का नारियल, यहाँ का काजू, यहाँ के मसाले और
अलग-अलग तरह की सब्जियाँ।
आज मैंने इतनी सारी सब्जियाँ देखीं। पहले मैं सोचता था कि गोवा छोटा
प्रदेश है, तो इतनी चीजें यहाँ कैसे पैदा होती होंगी?
लेकिन छोटे प्रदेश का दिल बहुत बड़ा है।
यहाँ की जलवायु अच्छी है, किसान मेहनती हैं और हमारी बहनें तो उससे
भी ज्यादा मेहनती हैं।
मैं पिंक ऑटो देखकर तो देखता ही रह गया। ऐसा लग रहा था जैसे पिंक ऑटो
की पूरी सेना खड़ी हो।
गोवा में अद्भुत चीजें पैदा होती हैं।
इसीलिए आपने तय किया है कि गोवा बाहर से चीजें मंगाने के बजाय यहाँ
उत्पादन करेगा। यहाँ के किसान उत्पादन करेंगे और हमारे नौजवान उनकी ब्रांडिंग
करेंगे।
Goa Fresh' का लोगो भी हमारे बच्चों ने बनाया है।
मतलब किसान खेत में मेहनत कर रहा है और बच्चे उसके उत्पाद की
ब्रांडिंग कर रहे हैं।
गोवा के उत्पाद गोवा की जनता के काम तो आएँगे ही, लेकिन
हम इन्हें पूरे हिंदुस्तान और पूरी दुनिया तक पहुँचाएँगे।
और यह दुनिया भर में पहुँचाने की बात हम मजाक में नहीं कर रहे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री जी, अभी ओमान के साथ FTA हुआ
है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कई देशों और
समूहों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। यूरोपीय यूनियन के साथ भी समझौते हुए हैं।
काजू और नारियल पर जहाँ पहले 5 प्रतिशत तक
इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को
धन्यवाद देना चाहता हूँ कि गोवा का काजू और गोवा का नारियल 0 प्रतिशत इंपोर्ट
ड्यूटी पर ओमान जाएगा और यूरोपीय यूनियन के देशों तक भी पहुँचेगा।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में दुनिया के साथ जो व्यापार समझौते हो
रहे हैं, वे भारत के किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएँगे। गोवा के किसानों के
लिए भी ये नए बाजार खोलेंगे।
हमारे विरोधी कई तरह की अफवाहें फैलाते हैं कि किसानों के हितों के
साथ समझौता किया जा रहा है।
मैं पूरे हिंदुस्तान के किसान भाइयों से कहना चाहता हूँ कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के रहते हुए दुनिया की कोई ताकत किसान के हितों के
साथ समझौता नहीं कर सकती।
और गोवा के किसान भाइयों, अब आपके उत्पादों को दुनिया के बाजारों
में जगह मिलेगी।
थोड़ी मेहनत 'Goa Fresh' ब्रांड को आगे बढ़ाने की जरूरत है। 'Goa
Fresh' दुनिया में छा सकता है।
और मैं एक निवेदन और करना चाहता हूँ।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कृषि विभाग ने नारियल पर भी विशेष
रूप से काम करने का निर्णय लिया है।
नारियल गोवा का राज्य वृक्ष है। यहाँ नारियल के कई बाग पुराने हो गए
हैं और उनकी उत्पादकता कम हो गई है।
हमें पुराने बागों का जीर्णोद्धार करना है, नए बाग लगाने हैं
और नारियल का क्षेत्र बढ़ाना है।
इसीलिए मेरे विभाग ने 'Coconut Promotion Scheme' बनाई
है।
आदरणीय प्रमोद जी, अगली बार जब मैं गोवा आऊँगा तो भारत
सरकार के कृषि विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर आऊँगा। नारियल के प्रमोशन के लिए
गोवा में जितने काम जरूरी हैं, हम किसान भाइयों के साथ बैठकर तय करेंगे
और उन्हें आगे बढ़ाएँगे।
और मैं केवल नारियल की बात नहीं कर रहा हूँ।
काजू में भी गोवा का अपना नाम है। काजू की उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत
है। ICAR के हमारे मित्र यहाँ बैठे होंगे। नई-नई वैरायटी लाने की जरूरत है।
काजू की उत्पादकता कैसे बढ़े, उत्पादन कैसे बढ़े,
इसके
लिए भी हम आपके साथ बैठकर काम करेंगे।
भारत सरकार आपको भरपूर सहयोग करेगी, चाहे तकनीक का
विषय हो या आर्थिक सहायता का।
इन दोनों योजनाओं के माध्यम से हम गोवा की कृषि को बदलने में कोई कसर
नहीं छोड़ेंगे।
आदरणीय मुख्यमंत्री जी, माननीय मंत्रीगण, किसान भाइयों और
बहनों,
भारत सरकार की RKVY और कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत 18
योजनाएँ हैं। MIDH की अलग योजनाएँ हैं।
KCC में तो आपने वैसे ही लगभग सभी किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बना
दिए हैं, इसलिए मैं उसकी चर्चा नहीं करूँगा।
हमने इस वर्ष ₹50 करोड़ का प्रावधान किया था। इसमें से ₹23
करोड़ अभी दिए गए हैं और मैं स्वीकृति पत्र भी लेकर आया हूँ।
प्रमोद जी, आप खर्च कीजिए। गोवा में कृषि के विकास
के लिए जितने धन की आवश्यकता होगी, किसानों के लिए धन की कमी हम किसी भी
हालत में नहीं आने देंगे।
आपने 'Goa Fresh' ब्रांड बनाया है। इस ब्रांड के लिए
अलग-अलग उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता सुधारने की जरूरत होगी।
जब हम अपने कृषि उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक ले जाएँगे,
तो
उनकी गुणवत्ता में सुधार जरूरी होगा।
इस दिशा में जितनी जरूरत पड़ेगी, हम आपके साथ मिलकर
काम करेंगे।
अभी आपने कहा कि एक जिले में कृषि विज्ञान केंद्र नहीं है। अब आपने
तीसरा जिला बनाया है।
इतना प्यारा गोवा और इतने अच्छे मुख्यमंत्री!
जब फोन पर कहा गया कि, 'शिवराज जी, आना है', फिर
कहा गया, 'मामा जी, आना है', तो मामा कैसे मना करता?
प्रमोद जी, आपने पुकारा और हम चले आए।
जब भी जरूरत पड़ेगी, हम गोवा की सेवा के लिए तैयार हैं।
गोवा में तीसरा कृषि विज्ञान केंद्र भी खोला जाएगा। हम उसकी स्वीकृति
देंगे, ताकि गोवा की कृषि को जितनी वैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता है,
वह
पूरी तरह उपलब्ध कराई जा सके।
एक आग्रह और करना चाहता हूँ।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आपने बहुत अच्छे ढंग से लागू की है।
इसके साथ-साथ हमारे केला, आम, काजू, नारियल
और सुपारी यानी अरेका नट भी यहाँ बहुत अच्छी होती है।
यहाँ काली मिर्च है, जायफल है, दालचीनी है,
हल्दी
है और अलग-अलग तरह की सब्जियाँ हैं।
इन सभी फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना पर भी साथ काम करने
की जरूरत है। इसमें भी हम आपको पूरा सहयोग करेंगे।
आज मैं महिला सशक्तिकरण का काम भी देख रहा था।
यहाँ पुरुष कम हैं, लेकिन हमारी दीदियाँ कितनी बड़ी संख्या
में बैठी हैं। बाहर भी मैंने देखा और यहाँ जो बड़े-बड़े स्वीकृति पत्र और चेक दिए
गए, उनमें भी ज्यादातर हमारी दीदियाँ थीं।
यह वही प्रदेश है जिसने 'लाडली लक्ष्मी योजना' को भी
लागू किया है।
आपको पता है, मुझे 'मामा' किसने
कहा?
2006 में मैंने मध्य प्रदेश में छोटी-छोटी बेटियों के लिए 'लाडली
लक्ष्मी योजना' शुरू की थी।
उस समय मध्य प्रदेश जैसे राज्य में एक बहुत गलत प्रथा थी। बेटा पैदा
हो तो खुशियाँ मनाई जाती थीं और बेटी पैदा हो तो माता-पिता चिंतित रहते थे।
कई परिवारों में माँ भी यही चाहती थी कि बेटी नहीं, बेटा
पैदा हो।
कुछ जगह ऐसी घटनाएँ भी सामने आईं कि बेटियों को कोख में ही मार दिया
जाता था।
तब मेरे मन में आया कि जब तक लोग बेटियों को बोझ समझेंगे, तब तक
बेटियों को जन्म देने से भी बचेंगे।
मुख्यमंत्री रहते हुए मैंने तय किया कि बेटियों को बोझ नहीं, वरदान
बनाएँगे।
मेरे मन में संकल्प आया कि मध्य प्रदेश की धरती पर अगर कोई बेटी पैदा
होगी, तो वह लखपति पैदा होगी।
इसी संकल्प के साथ हमने लाडली लक्ष्मी योजना बनाई।
हमने तय किया कि बिटिया के पैदा होते ही उसके खाते में राशि जमा की
जाएगी और उसकी पढ़ाई के अलग-अलग पड़ाव पर भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
चौथी कक्षा पूरी करके पाँचवीं में जाएगी तो सहायता मिलेगी, आठवीं
के बाद नौवीं में जाएगी तो सहायता मिलेगी, दसवीं के बाद ग्यारहवीं में, फिर
बारहवीं में और कॉलेज में जाने पर भी सहायता मिलेगी।
और जब वह 21 वर्ष की होगी, तब उसे एक लाख
रुपये से अधिक की राशि मिलेगी।
यह थी लाडली लक्ष्मी योजना।
आज मध्य प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत 55-56 लाख लाडली
लक्ष्मी बेटियाँ हैं।
और इन्हीं बेटियों ने सबसे पहले मुझे 'मामा' कहा।
यहीं से मेरा 'मामा' नाम पड़ा।
आज वही लाडली लक्ष्मी योजना गोवा की धरती पर भी लागू है।
यहाँ बेटियों के सशक्तिकरण का काम भी हो रहा है और हमारी बहनों के
सशक्तिकरण का काम भी हो रहा है।
मेरी बहनों, आपमें अनंत क्षमता है।
अगर थोड़ा सा सहयोग मिल जाए, स्किलिंग मिल जाए, बैंकों से थोड़ी
सहायता मिल जाए, तो हमारी बहनें चमत्कार कर सकती हैं।
आज गोवा की धरती पर 5,000 लखपति दीदियाँ हैं।
प्रधानमंत्री जी, मैं आपके विजन को प्रणाम करता हूँ। आपने
तय किया कि देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाई जाएँगी।
10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
3 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य हमने समय से पहले हासिल कर लिया।
मेरे विभाग में ही दीदियों से जुड़ा काम आता है। मुझे यह सौभाग्य
मिला है कि मैं अपनी बहनों की सेवा करूँ।
मैं दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप अगर किसी
में देखता हूँ, तो अपनी बहनों में देखता हूँ। बहनों की सेवा मेरे लिए देवियों की
पूजा के समान है। इसी भावना के साथ मैं काम करता हूँ।
शायद इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने मुझे यह काम दिया।
3 करोड़ के बाद अब उन्होंने 6 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाने का लक्ष्य तय
किया है। हम तेजी से उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रमोद जी ने भी यहाँ लक्ष्य तय किया है। गोवा सरकार ने तय किया है।
हमारी करीब 50,000 दीदियों में से 5,000 से
ज्यादा लखपति दीदी बन चुकी हैं।
लेकिन मेरी दीदियों, जो बहनें अभी लखपति नहीं बनी हैं,
उनके
लिए भी हम दिन-रात प्रयास करेंगे।
बहनें क्यों हाथ फैलाएँ?
बहनों की आँखों में आँसू क्यों हों?
बहनें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए क्यों परेशान रहें?
हमारी बहनों के भीतर अनंत शक्ति है। थोड़ी मदद कर दीजिए, ये
बहनें अपने आप एक नया संसार रच देती हैं।
आज बहनें लखपति बन रही हैं।
अब केवल लखपति नहीं, मिलेनियर दीदी भी बन रही हैं।
दीदियों, अब यहीं रुकना नहीं है।
आपने गाँव में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। अब
केवल छोटे-छोटे कामों तक सीमित नहीं रहना है।
भारत सरकार ने भी तय किया है, गोवा सरकार ने भी
तय किया है और हमने तय किया है कि अब हमारी दीदियाँ केवल छोटे काम नहीं करेंगी,
बल्कि
उद्यमी बनेंगी। उनके अपने उद्योग खड़े हों, इसके लिए प्रयास
किया जाएगा।
अभी मुंबई में मैंने बैंकर्स के साथ बैठक की थी।
दीदियों ने बताया कि कई बार उन्हें जरूरत के मुताबिक ऋण नहीं मिलता।
जरूरत ₹10 लाख की है और ₹4 लाख मिलते हैं, तो बाकी ₹6 लाख
का इंतजाम कहाँ से करें?
हमने बैंकर्स के साथ बैठकर इसके लिए लक्ष्य तय किए हैं।
दीदियों, लखपति दीदी, मिलेनियर दीदी और वह दिन भी आएगा जब
करोड़पति दीदी बनेंगी।
छोटे-छोटे उद्योग चलाते हुए हमारी बहनें बड़े मुकाम तक पहुँचेंगी।
इसी दिशा में 'स्वयंपूर्ण गोवा' की आपकी कल्पना के
तहत जो काम हो रहा है, उसके लिए मैं आपको हृदय से धन्यवाद देता हूँ।
पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो एक नई और अनोखी कल्पना है।
एक के बाद एक हमारी बहनें जब पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो लेकर सामने आईं,
तो
सचमुच एक नया आत्मविश्वास दिखाई दिया।
इस अच्छे काम के लिए, 'स्वयंपूर्ण गोवा' की इस अवधारणा के
लिए मुख्यमंत्री जी और पूरी टीम का मैं हृदय से अभिनंदन करता हूँ।
मैं गोवा के विकास की गाथा पूरे हिंदुस्तान को बताऊँगा और देश के हर
राज्य में 'स्वयंपूर्ण गोवा' से प्रेरणा लेने की चर्चा करूँगा।
अब हम इतना काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों को इससे बड़ी तकलीफ हो
रही है।
आज गांधी जयंती के दिन वे 'लोकतंत्र बचाओ अभियान' की
बात कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री जी देश का विकास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
जी भारत के लिए भगवान का वरदान हैं।
बिना रुके, बिना विश्राम किए, दिन-रात मेहनत कर
रहे हैं विकसित भारत के निर्माण के लिए।
जनता प्रधानमंत्री जी को प्यार करती है, लेकिन
प्रधानमंत्री और भाजपा की यह लोकप्रियता हमारे विपक्ष को रास नहीं आती।
SIR, SIR!
आप बताइए मेरे बहनों और भाइयों, अगर वोटर लिस्ट
में कोई गलत नाम जुड़ा है, कोई व्यक्ति दुनिया में है ही नहीं,
दुनिया
छोड़कर चला गया है, तो क्या उसका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ा रहना चाहिए?
मैं आपसे पूछ रहा हूँ, जुड़ा रहना चाहिए क्या?
कटना चाहिए।
जो दुनिया में है ही नहीं, उसका नाम वोटर लिस्ट में क्यों रहे?
अगर कोई भारत का नागरिक ही नहीं है, तो उसका नाम
मतदाता सूची में जुड़ा रहना चाहिए क्या?
बताइए, ऐसे लोगों का नाम क्यों जुड़ा रहना चाहिए?
लेकिन जब ऐसे नाम हटाए जाते हैं, तो ये लोग विरोध
करते हैं।
कर्नाटक में जीत गए, तो 'हम जीते, जिंदाबाद'।
हिमाचल में जीत गए, तो 'हम जीते, जिंदाबाद'।
तेलंगाना में जीत गए, तो 'हम जीते, जिंदाबाद'।
और हार गए तो कहने लगे, 'चुनाव आयोग मुर्दाबाद'।
बस यही करते रहते हैं।
काहे का 'लोकतंत्र बचाओ'?
लोकतंत्र को खतरा अगर किसी ने पैदा किया, लोकतंत्र को
कुचलने का पाप अगर किसी ने किया, तो कांग्रेस ने किया।
देश में आपातकाल लगाया गया। कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लाखों लोगों
को जेलों में बंद किया। जेलें भर दी गईं। लोकतंत्र को कुचलने का काम किया गया।
50 से ज्यादा बार निर्वाचित सरकारों को बदलने का पाप कांग्रेस ने किया।
मुख्यमंत्री ऐसे बदले जाते थे, जैसे कपड़े बदले
जाते हैं।
और आज लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं।
यह 'लोकतंत्र बचाओ' नहीं है।
यह 'कांग्रेस बचाओ' और 'परिवार बचाओ'
है।
लेकिन कांग्रेस बचेगी कैसे?
कांग्रेस के जो अच्छे नेता और कार्यकर्ता हैं, वे कांग्रेस की
दुर्गति देखकर उसे छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आ रहे हैं।
और यहाँ तो जिसको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, मैं
नहीं जानता कौन हैं। मैंने तो पढ़ा कि जो जिला पंचायत का चुनाव हारे, विधानसभा
का चुनाव हारे और लगातार हारते रहे, उन्हीं को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष
बना दिया गया।
शायद उन्हें पता है कि अब फिर हारेंगे, इसलिए हारने वाले
को ही सिर पर बिठाओ।
यह पार्टी अपने आप बिखर रही है।
लेकिन 'लोकतंत्र बचाओ' की बात करते हैं, प्रधानमंत्री जी
पर आरोप लगाते हैं और देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश करते हैं।
मेरे गोवा के बहनों और भाइयों, ऐसे तत्वों को कभी
सफल नहीं होने देना।
विकास के लिए,
प्रगति के लिए,
गोवा को आगे बढ़ाने के लिए,
गोवा की जनता के कल्याण के लिए
और विकसित भारत के निर्माण के लिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ चलिए।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत जी के साथ चलिए।
एक बार फिर 'स्वयंपूर्ण गोवा' के इस कार्यक्रम
के लिए गोवा की जनता और गोवा सरकार को बधाई देता हूँ।
मैं अभिनंदन करता हूँ और यह विश्वास दिलाता हूँ कि भारत सरकार से
जितने और जैसे सहयोग की जरूरत होगी, हम कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर
आपके साथ चलेंगे।
इस सुंदर प्रदेश के लिए, इस आदर्श जनता के लिए, एक
बार फिर मैं अपनी जनता-जनार्दन को दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूँ।
गोवा ऐसा है कि यहाँ बार-बार आने को जी करता है।
दिल कहे, 'रुक जा रे, रुक जा रे, रुक जा,
तू यहीं पे कहीं।
जो बात इस जगह है,
कहीं पे नहीं।'
एक बार फिर गोवा को बारंबार प्रणाम।
और माननीय मुख्यमंत्री जी, जाते-जाते मैं आपको दो चीजों की स्वीकृति
के पत्र देकर जाऊँगा।
और आपने जो कृषि विज्ञान केंद्र की बात कही है, उसे
भी जल्दी स्वीकृत करके गोवा को नई सौगात देंगे और गोवा की सेवा करेंगे।