Speech Transcript
बोलिए — भारत माता की जय! भारत माता की जय! वेंकटेश्वर भगवान की जय! आंध्र प्रदेश की जनता की जय!
आंध्र प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री, ऐसे मुख्यमंत्री जो विकास का विजन देश को दिखा रहे हैं — आदरणीय श्रीमान एन. चंद्रबाबू नायडू गारू जी। डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी जी (मेरा सौभाग्य है कि उन्हीं के गाँव में मैं आया हूँ)।
आपके लोकप्रिय सांसद और मेरे सहयोगी मंत्री आदरणीय श्री नादेंडला मनोहर जी, आदरणीय कोलुसु पार्थसारथी गारू जी, आदरणीय पी. वी. एन. माधव जी (प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी), श्री भीष्म जी, श्री अलापति राजेंद्र प्रसाद जी, श्री बाथुला कोटेस्वरा राव (कोटिया बाबू) जी, श्री पीयूष श्रीवास्तव जी, श्रीमती प्रतिभा रानी जी, श्री साई कांत जी, प्रदीप जी और मेरे व आपके बीच मेरी बात पहुँचाने वाले मोहम्मद नासिर जी; तथा यहाँ उपस्थित मेरी बहनों, मेरे भाइयों और मेरे भांजे-भांजियों — इस 'मामा' का नमस्कार!
अंदरिकी हृदयपूर्वक नमस्कारालु! (आप सभी को हृदय से नमस्कार!)
तेलुगु भाषा का समृद्ध इतिहास, ज्ञान-विज्ञान, योग और परंपरा का संगम है। आंध्र प्रदेश की इस पवित्र भूमि, प्रगति और प्रतिभा के संगम को कोटि-कोटि प्रणाम अर्पित करता हूँ। बुर्रिपलेम एवं तेनाली मंडल की इस पवित्र धरा को प्रणाम करता हूँ। यहाँ तो तेनालीराम जी भी हुए थे, उनकी कहानियाँ बचपन से पढ़ता रहा हूँ। सचमुच, मुझे कहते हुए खुशी है कि यह धरती टैलेंट, ट्रेडिशन, कैपेबिलिटी और कमिटमेंट की धरती है। मेरे साथी चंद्रशेखर जी भी यही सिद्ध कर रहे हैं। क्या सचमुच में यह सेवा की धरती है?
मैं चंद्रबाबू नायडू जी के विजन को प्रणाम करता हूँ। ऐसा अद्भुत नेतृत्व — जो डायनेमिक, डेडिकेटेड और डिसिप्लिंड नेतृत्व का पर्याय है, तो वह चंद्रबाबू नायडू जी हैं, जो आज कई मामलों में बाकी राज्यों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बहुत पहले पहचान लिया था कि आने वाले भारत की सबसे बड़ी ताकत 'टेक्नोलॉजी' है। इसी दूरदृष्टि से उन्होंने प्रदेश को ग्लोबल आईटी हब के रूप में पूरी दुनिया में पहचान दिलाई थी। आज भी उनकी दूरदृष्टि आंध्र प्रदेश में एआई (AI), डेटा सेंटर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के रूप में नया अध्याय लिख रही है।
आज मैंने अमरावती के विकास की उनकी दृष्टि देखी, सचमुच मैं चमत्कृत रह गया। मैं आज उनके विजन, काम, कमिटमेंट, मेहनत और परिश्रम को देखते हुए कहता हूँ कि चंद्रबाबू नायडू जी के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश हिंदुस्तान का नंबर वन राज्य बनेगा।
आज यहाँ आकर मैं बहुत प्रसन्न हूँ क्योंकि यह चंद्रशेखर जी का गाँव है। पहले तो मैं सोचता था कि यह 'अमेरिका रिटर्न' हैं—जब यह मेरे सहयोगी मंत्री बने तो मैंने सोचा कि अमेरिका रिटर्न गाँव को समझेंगे या नहीं? रूरल डेवलपमेंट (ग्रामीण विकास) में क्या करेंगे? लेकिन सचमुच इनकी क्लैरिटी, कमिटमेंट और जनता से कनेक्टिविटी अद्भुत है। ऐसे सहयोगी को पाकर मैं बहुत प्रसन्न हूँ और मैं नायडू जी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ कि ऐसी प्रतिभाओं को राजनीति में लाने का काम उन्होंने किया।
जब भी मैं आंध्र प्रदेश आता हूँ, मेरा मन आनंद और प्रसन्नता से भर जाता है। यहाँ की जनता का कमिटमेंट, ईमानदारी, जोश, जुनून और जज्बा अद्भुत है। सचमुच 'तुमसे मिलने को जी करता है रे बाबा!' बार-बार आने की इच्छा होती है। इसलिए आंध्र प्रदेश आना मेरे लिए बहुत आनंद का विषय है। आपसे जो प्यार मिलता है वह भी अद्भुत है। भाषा की बाधा होने के बाद भी मैं आपसे सीधा कनेक्ट हो जाता हूँ।
एक मंत्री के रूप में जनता की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है। हम आपके सेवक हैं और आपकी सेवा के लिए बेहतर काम करने की कोशिश करते हैं। मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ—आई लव यू!
नायडू जी का एक बड़ा संकल्प है—आंध्र प्रदेश के हर गरीब को पक्का मकान देना। (जगन जी, आपने क्या कर दिया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आंध्र प्रदेश को मकान दे रहे थे, लेकिन आपने राज्य का शेयर देने से इनकार कर दिया। हमारे मंत्री जी यहाँ मारीच और सुबाहु की बात कर रहे थे—सचमुच जगन जी ने प्रदेश के गरीबों के सपने छीन लिए, उनके मकान छीन लिए। जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी। प्रधानमंत्री जी ने जो पैसा अलग-अलग योजनाओं के लिए भेजा, उसे दूसरी जगह खर्च करने का पाप किया गया।)
अगर पिछली सरकार सही काम करती तो अब तक सबके मकान बन जाते। लेकिन अब चंद्रबाबू जी मुख्यमंत्री हैं, उन्होंने हर गरीब का मकान बनाने का संकल्प लिया है। केंद्र सरकार के तय फॉर्मूले के हिसाब से अधिकारियों ने मुझे बताया था कि केवल 76 हजार (छिहत्तर हजार) मकान ही मिल पाएँगे। लेकिन बाबू जी ने कहा—'नहीं, मुझे सबके घर बनाने हैं।' इसलिए हमने 76 हजार नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से 3 लाख मकानों की पहली किश्त आंध्र प्रदेश के गरीबों को समर्पित की है।
लेकिन बाबू (चंद्रबाबू नायडू जी) ने आज मुझसे कहा—"इतने से काम नहीं चलेगा शिवराज जी, 'दिल मांगे मोर!' अभी और मकान चाहिए, मुझे 6 लाख मकान और बनाने हैं।” तो मैंने कहा—"बाबू जी, भारत सरकार और आपका यह 'मामा' आपके साथ खड़ा है। इसलिए अब और मकान देंगे।"
इसलिए मैं कह रहा हूँ कि अभी तो 3 लाख मकानों की पहली किश्त दी है बाबू, पहले ये 3 लाख बनाइए। उसके बाद फिर 3 लाख देंगे, और उसके बाद फिर 3 लाख देकर गरीबों को 100% मकान बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार आपके साथ खड़ी है। और यह जो मकान बन रहे हैं, इसके लिए मैं चंद्रशेखर जी को भी बधाई दूंगा। 3D कंक्रीट प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी (3D Concrete Printing Technology)—एक नई तकनीक से हम यह मकान बनाने वाले हैं, जिसमें समय बहुत कम लगेगा। हमारी कोशिश होगी कि प्रयोग के तौर पर अपनाई जा रही इस टेक्नोलॉजी से मकान 6 महीने के अंदर पूरे हों। इसमें लागत भी कम आएगी, लेबर भी कम लगेगी और मकानों की उम्र (मजबूती) भी ज्यादा होगी।
आज मेरी बहनों और भाइयों, मुझे कहते हुए खुशी है कि बाबू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश अब सिर्फ 'सर्वाइव' करने वाला राज्य नहीं रहा, बल्कि एक 'शाइनिंग स्टेट' बन गया है। बाबू के नेतृत्व में एस्पिरेशनल आंध्रा, एडवांस्ड आंध्रा, अद्भुत आंध्रा बन रहा है। बाबू जी, मैं आपके इस विजन के लिए आपको फिर से बधाई देता हूँ।
मेरे प्रिय बहनों और भाइयों, एनडीए (NDA) की सरकार ने जो वादा किया था, वह निभाया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बधाई देता हूँ, जो किसानों को सालाना ₹6,000 की 'किसान सम्मान निधि' देते हैं। लेकिन बाबू, आपने जो 'अन्नदाता सुखी भव' योजना बनाई है, उसके अंतर्गत ₹14,000 की अतिरिक्त राशि जोड़कर किसानों को सालाना कुल ₹20,000 देने का फैसला किया गया है।
केवल 'अन्नदाता सुखी भव' ही नहीं, एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से योजनाएँ ऐसी बनी हैं कि—
अन्नदाता सुखी भव! आंध्र प्रदेश की जनता सुखी भव! और अब दिल कहता है—चंद्रबाबू सुखी भव!
गाँव के संपूर्ण विकास के लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में योजना बनी है। गाँव में सड़कें, पीने का पानी, नालियाँ, स्कूल, पंचायत भवन और खेत तक सड़कें—जो भी बनाना हो बनाओ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 'विकसित भारत' की सौगात दी है और आज गर्व के साथ कहता हूँ कि गाँवों के विकास की दिशा में आंध्र प्रदेश नंबर-1 है! आप गाँवों का विकास कीजिए, केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री जी धन की कोई कमी नहीं रहने देंगे।
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री बाबू मिलकर आंध्र प्रदेश का 360-डिग्री डेवलपमेंट (सर्वांगीण विकास) कर रहे हैं।
2014 में जब आंध्र का विभाजन हुआ था, तब कांग्रेस ने प्रदेश को बिना राजधानी के ही छोड़ दिया था। बाद में जब जगन आए, तो उन्होंने भी 'तीन राजधानियों' का खेल खेलकर राज्य को बांटने की कोशिश की। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत अमरावती को राज्य की एकमात्र स्थायी राजधानी का दर्जा दिलाने में सहयोग किया और वित्तीय सहायता के रूप में ₹15,000 करोड़ की राशि आंध्र प्रदेश को प्रदान की।
यहाँ 'अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा' बन रहा है। पोलावरम सिंचाई परियोजना—जिसको ठप करने का पाप जगन ने किया था—अब बाबू और केंद्र सरकार मिलकर उसे 100% केंद्रीय अनुदान (Grant) के साथ पूरा करने का काम कर रहे हैं।
विकास की गाथा अनंत है, समय कम पड़ जाता है इसलिए मैं विस्तार में नहीं जाऊँगा। लेकिन मैं फिर कह रहा हूँ कि दिल्ली में बैठे हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और यहाँ के मुख्यमंत्री बाबू—यह दोनों मिलकर 1 और 1 'दो' नहीं, 1 और 1 'ग्यारह' हैं! पवन कल्याण जी भी साथ हैं और थोड़ा-बहुत बोनस या ब्याज के रूप में यह 'मामा' भी साथ है। हम सब मिलकर सेवा करेंगे।
मेरी बहनों, प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि कोई बहन गरीब नहीं रहेगी। गरीब परिवारों से आने वाली हर बहन को 'लखपति दीदी' बनाना है, यानी उसकी सालाना आय कम से कम ₹1 लाख हो। मुझे खुशी है कि यहाँ लाखों दीदियाँ लखपति दीदी बन चुकी हैं और इस आँकड़े को बढ़ाकर 30 लाख (या अधिक) करना है। आंध्र प्रदेश की कोई बहन गरीब नहीं रहेगी, यह हमारा कमिटमेंट है।
15 अक्टूबर को दीदियों का 'सरस मेला' आयोजित हो रहा है। अब तक यह मेला केवल देश की राजधानी दिल्ली में होता था, लेकिन चंद्रशेखर जी और बाबू के आग्रह पर इसे पहली बार दिल्ली से बाहर आंध्र प्रदेश में लाया जा रहा है। इसमें महामहिम राष्ट्रपति जी भी शामिल होंगी। यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कुंभ साबित होगा।
अंत में, मैं अपने किसान भाइयों को विश्वास दिलाता हूँ कि प्रधानमंत्री जी के किसानों की आय बढ़ाने के अभियान के तहत बाबू ने आंध्र प्रदेश को 'हॉर्टिकल्चर हब' (फल-फूल व सब्जी उत्पादन का केंद्र) बनाने का फैसला किया है। केवल पारंपरिक खेती ही नहीं—फलों, फूलों, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती, पशुपालन तथा मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से आंध्र प्रदेश के किसानों की आय देश में सबसे ज्यादा होगी। आने वाले समय में आंध्र प्रदेश का किसान जो फल, सब्जी और अनाज पैदा करेगा, वह दुनिया के बाजारों में धूम मचाएगा!
आप सभी के प्यार के लिए हृदय से धन्यवाद। टॉलीवुड की फिल्में आजकल हिंदी भाषी राज्यों में भी बहुत लोकप्रिय हैं और धीरे-धीरे तेलुगु भाषा पूरे भारत में अपना स्थान बना रही है।
आपके इस असीम प्रेम के लिए मैं एक ही बात कहना चाहता हूँ—
"अहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों,
ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों!"
आंध्र प्रदेश के विकास में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद, प्रणाम, नमस्कार!
मेरे साथ बोलिए — भारत माता की जय!








