

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह बोले- खड़गे और राहुल देश को भ्रमित कर रहे, सच अंततः सामने आएगा
कांग्रेस सरकार में मनरेगा को लेकर कागजों तक सीमित था अधिकार; प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह
कांग्रेस ने अपना आइडिया, आइडियोलॉजी और आइडियल तीनों छोड़ दिए हैं- शिवराज सिंह
झूठ की दुकान, फरेब की फैक्ट्री चला रही है कांग्रेस- केंद्रीय शिवराज सिंह चौहान का तीखा हमला
नई दिल्ली: केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी चिट्ठी झूठ और फरेब से भरी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी झूठा प्रचार और भ्रम फैलाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में लाई गई नई ‘विकसित भारत जी-राम-जी (G-RAM-G)’ योजना गरीबों, मजदूरों और गांवों के विकास के लिए एक मजबूत कदम है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने अपना मूल चरित्र ही छोड़ दिया है। कांग्रेस ने अपना आइडिया, आइडियोलॉजी और आइडियल तीनों छोड़ दिए हैं। उनके अनुसार, कभी कांग्रेस राष्ट्र प्रथम और गरीब कल्याण की बात करती थी, आज न राष्ट्र प्राथमिकता में है, न गरीब। उन्होंने आरोप लगाया कि 1971 में “गरीबी हटाओ” का नारा देने वाली कांग्रेस ने गरीबों को ही हाशिए पर धकेल दिया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।
मनरेगा पर कांग्रेस के आरोपों का सप्रमाण जवाब: कागजी अधिकार बनाम ज़मीन पर अधिकार
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस द्वारा मनरेगा की “आत्मा नष्ट करने” के आरोपों को सप्रमाण खारिज करते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने केवल कागज पर अधिकार दिया था, जबकि मौजूदा सरकार ने उन अधिकारों को जमीन पर मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय मनरेगा में जो डिस-एनटाइटलमेंट क्लॉज था, उसमें मजदूर ने काम मांगा और किसी कारण से काम नहीं कर पाया तो उसे बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलता था, जिसे वर्तमान सरकार ने हटा दिया है और बेरोजगारी भत्ते का वास्तविक प्रावधान किया है।
साढ़े आठ करोड़ संपत्तियां मोदी सरकार में बनीं
श्री चौहान ने कहा कि मनरेगा से बनी 10 करोड़ संपत्तियों में से करीब साढ़े आठ करोड़ संपत्तियां नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी हैं और उनका बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया गया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और यूपीए सरकारों ने मिलकर जहां लगभग 2 लाख करोड़ रुपए मनरेगा पर खर्च किए, वहीं मोदी सरकार में अब तक लगभग 9 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जिनमें कोविड काल में ही 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि लगाई गई।
विकसित भारत जी-राम-जी’ योजना: 100 नहीं, 125 दिन की गारंटी
नई योजना पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘विकसित भारत जी-राम-जी’ योजना में 100 दिन की जगह 125 दिन के काम की गारंटी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों को न केवल काम का अधिकार मिलेगा, बल्कि 15 दिन के भीतर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान, समय पर मजदूरी न मिलने पर विलंबित भुगतान पर अतिरिक्त धन देने की व्यवस्था और मजदूरों के अधिकारों की “संपूर्ण सुरक्षा” सुनिश्चित की गई है।
हर ग्राम पंचायत दायरे में; ठेकेदार नहीं, पंचायत करेगी काम
कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे इस आरोप पर कि केवल चुनिंदा पंचायतों को ही काम मिलेगा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कानून पूरे देश में एक साथ लागू होगा और कोई भी ग्राम पंचायत इसके दायरे से बाहर नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि योजना ऊपर से थोपने की बजाय विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से ग्राम सभा और ग्राम पंचायत खुद काम तय करेंगी और कम से कम 50 प्रतिशत काम ग्राम पंचायत के माध्यम से ही होगा, ठेकेदारों के जरिए नहीं।
मजदूरी, स्टाफ और प्रशासनिक व्यय: किसी का काम नहीं छिनेगा
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि मेट, रोजगार सहायक और तकनीकी स्टाफ का काम छिनने का दावा भी भ्रामक है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि मेट, रोजगार सहायकों और तकनीकी कर्मचारियों को समय पर और उचित मानदेय मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले वित्तीय वर्ष में 1,51,282 करोड़ रुपए का प्रस्तावित प्रावधान है, जिसमें 95,600 करोड़ रुपए से अधिक केंद्र सरकार देगी, जिससे ग्रामीण विकास के लिए संसाधन और मजबूत होंगे।
राज्यों के 60:40 शेयर पर सवाल: यह बोझ नहीं, निवेश है
एक सवाल के जवाब में, जिसमें पूछा गया था कि 60-40 के अनुपात के कारण राज्यों के पास रोजगार पर खर्च करने के लिए पैसा नहीं होगा, शिवराज सिंह चौहान ने इसे पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा, “मैं लगभग चार टर्म एक राज्य का मुख्यमंत्री रहा हूं। कभी पैसे की कमी नहीं आई। बाकी योजनाओं के लिए पैसे की कमी नहीं आती, जब इसमें राज्यों को ज्यादा पैसा मिल रहा है। पहले कुल बजट 86,000 करोड़ रुपए के आसपास था, कांग्रेस ने तो अपने कार्यकाल में इस योजना पर कभी 40,000 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च ही नहीं किया। अब अकेले 95,600 करोड़ रुपए से ज्यादा केंद्र सरकार दे रही है, क्योंकि गांव का विकास करना है। यह राज्यों के लिए बोझ नहीं, विकास में निवेश है और गांव का विकास तो राज्यों को भी करना ही है, जो अब केंद्र और राज्य मिलकर कर रहे हैं।
डिमांड रहेगी, लेकिन अब उपयोगी काम तय होंगे
एक अन्य सवाल में विपक्षी शासित राज्यों की आपत्ति और डिमांड–ड्रिवन मॉडल बदलने के आरोप पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि योजना अब भी डिमांड ड्रिवन ही है। उन्होंने कहा कि पहले केवल डिमांड के नाम पर कहीं भी गड्ढा खोद देना या सड़क पर मिट्टी डाल देना और पैसे इधर-उधर करना आम बात थी, लेकिन अब ग्राम पंचायत तय करेगी कि गांव में कौन-कौन से उपयोगी काम होंगे, जैसे खेत तक सड़क बनाना आदि, और जहां मजदूर डिमांड करेंगे, वहां काम सुनिश्चित होगा, साथ ही बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान भी रहेगा।
बजट 86–88 हजार से बढ़ाकर 1.51 लाख करोड़, कमी नहीं होने देंगे
जब उनसे पूछा गया कि 86–88 हजार करोड़ रुपए के पिछले बजट से इसे 1,51,282 करोड़ तक बढ़ाने की जो घोषणा है, वह कब अलोकेट होगी, तो केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह बजट प्रक्रिया के साथ आएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक ‘विकसित भारत जी-राम-जी’ योजना पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक मनरेगा के तहत जहां भी जितने काम की आवश्यकता होगी, वहां काम की कमी नहीं आने दी जाएगी।
कांग्रेस के अभियान पर प्रतिक्रिया: हम तो वैसे भी जनता के बीच हैं
कांग्रेस द्वारा अभियान चलाने और आगे भी चलाने की घोषणा पर पूछे गए सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सरकार और संगठन लगातार जनता के बीच है। उन्होंने कहा कि वे गांव-गांव, ग्राम सभाओं और जनता के बीच जाकर सच्चाई रख रहे हैं और जनता सब समझती है; जो परेशान हैं, वही ऐसे संग्राम की बातें कर रहे हैं, जबकि “हमारा सच जनता को पता है।
लक्ष्य: विकसित भारत के लिए विकसित गांव
शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य विकसित भारत है और यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब गांव विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत जी-राम-जी’ योजना रोजगार, बुनियादी ढांचे, गरीब कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली समग्र योजना है, जो अगले छह महीनों के भीतर मनरेगा के साथ ट्रांजिशन के बाद पूरे देश में लागू की जाएगी।
कृषि कार्यों में भी मिलेगा सहयोग
उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को भी इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा। 85% से अधिक किसान लघु या सीमांत हैं। बुवाई और कटाई के समय मजदूरों के सहयोग से वे खेतों में अधिक उपज पा सकेंगे। श्रमिक और किसान का मेल खेती-किसानी को नई दिशा देगा।
19 जनवरी 2026
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