

धार-खरगोन के किसानों की पीड़ा पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिया तत्काल संज्ञान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने दिया स्पष्ट संदेश- किसानों के साथ धोखा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
किसान हितों के मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की जीरो टॉलरेंस की नीति
नई दिल्ली: नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के धार और खरगोन के किसानों ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर उनके सामने करेला की फसल में अमानक बीज और रोपे से हुए भारी नुकसान का मामला रखा, जिस पर शिवराज सिंह ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार मानते हुए तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री शिवराज सिंह के निर्देशों के बाद मामले में तेज़ कार्रवाई हुई और धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी- नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि किसानों के हित उनके लिए सर्वोपरि हैं। मध्यप्रदेश के धार और खरगोन के किसानों ने नई दिल्ली में उनसे भेंट कर करेला फसल में अमानक बीज और रोपे के कारण हुए गंभीर नुकसान की जानकारी दी, जिस पर श्री चौहान ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को साफ कहा कि प्रभावित किसानों को न्याय मिलना चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिस कंपनी की भूमिका इस पूरे मामले में सामने आई है, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इन निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हुई और मनावर थाना, जिला धार में एफआईआर क्रमांक 266 दर्ज की गई। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराएं 3 व 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। प्राथमिकी में नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है।
किसानों की शिकायत है कि उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से संबंधित इस कंपनी के बीज और रोपे खरीदे थे, लेकिन बुआई और रोपण के बाद करेला फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ और फल छोटे, पीले होकर गिरने लगे। फसल उत्पादन में आई भारी गिरावट के बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अमानक बीज एवं अमानक बीज से तैयार रोपे किसानों को प्रमाणित बताकर बेचे गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा। किसानों ने जब दिल्ली आकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को ये सब बातें बताई तो शिवराज सिंह ने कहा कि यह मामला केवल फसल खराब होने का नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे, मेहनत और पूंजी को नुकसान पहुंचाने का है। शिवराज सिंह के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वैधानिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई और जांच आगे बढ़ाई गई है। साथ ही, करेला के अमानक बीज रूबासटा किस्म प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की बात सुनते ही यह सख्त संदेश दिया कि किसान के साथ अन्याय, लापरवाही या धोखाधड़ी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार पीड़ित किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। धार और खरगोन के किसानों से जुड़ा यह घटनाक्रम बताता है कि जब किसानों की समस्या सीधे केंद्रीय मंत्री श्री चौहान तक पहुंची, तो उस पर केवल औपचारिक संज्ञान नहीं लिया गया, बल्कि मुआवजा और सख्त कार्रवाई दोनों मोर्चों पर ठोस पहल की गई है। इससे किसानों में यह भरोसा मजबूत हुआ है कि उनकी आवाज़ सुनी भी जा रही है और उस पर परिणामकारी कार्रवाई भी हो रही है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में इससे पहले भी शिकायतों के त्वरित निवारण, अमानक एवं नकली बीज-कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा किसानों को वास्तविक राहत दिलाने के पक्ष में लगातार स्पष्ट और कठोर निर्देश दिए हैं। घटिया बीज और कृषि आदानों के मामले में श्री चौहान बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसानों की मेहनत, फसल और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
17 अप्रैल 2026
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