Shivraj Singh Chouhan
Hero Background

आर्थिक सर्वेक्षण देश के कृषि और ग्रामीण भारत की मजबूती का दस्तावेज़: शिवराज सिंह चौहान

Issuer:PIB New Delhi

Press Release Content

5 वर्षों के दौरान कृषि क्षेत्र की विकास दर अभूतपूर्व 4.4 फीसदी रही


2024-25 में बाग़वानी उत्पादन 367.72 मिलियन टन तक पहुँच गया


 ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे का ऐतिहासिक विस्तार : श्री चौहान


नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सर्वेक्षण के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कृषि और ग्रामीण विकास- दोनों मोर्चों पर अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है।

 

कृषि क्षेत्र में निरंतर और स्थिर प्रगति


श्री चौहान ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों के दौरान कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में औसत वार्षिक विकास दर स्थिर मूल्यों पर 4.4 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2016 से 2025 के दौरान कृषि क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर 4.45 प्रतिशत रही है, जो पिछले दशकों की तुलना में सर्वाधिक है। 


उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भी कृषि क्षेत्र ने 3.5 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, जो इस क्षेत्र की मजबूती और स्थिरता को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से चावल, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज (श्री अन्न) की बेहतर पैदावार के कारण संभव हुई है। आज भारत न केवल खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, बल्कि कई फसलों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।


बागवानी क्षेत्र बना कृषि विकास का उज्ज्वल पक्ष


श्री चौहान ने कहा कि कृषि सकल मूल्य वर्धन (GVA) में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बागवानी क्षेत्र सबसे उज्ज्वल पक्ष के रूप में उभरा है। बागवानी उत्पादन वित्तीय वर्ष 2013-14 में 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 367.72 मिलियन टन तक पहुँच गया है इस दौरान फलों का उत्पादन 114.51 मिलियन टन, सब्जियों का 219.67 मिलियन टन तथा अन्य बागवानी फसलों का उत्पादन 33.54 मिलियन टन रहा।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश बन चुका है और वैश्विक प्याज उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान देता है। साथ ही सब्जियों, फलों और आलू के उत्पादन में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जहाँ प्रत्येक श्रेणी में वैश्विक उत्पादन में 12–13 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।


ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे का ऐतिहासिक विस्तार


ग्रामीण विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि सड़कों, आवास, पेयजल और डिजिटल संपर्क सहित ग्रामीण आधारभूत ढांचे में जबरदस्त प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र बसाहटों को हर मौसम में चलने वाली सड़कों से जोड़ा जा चुका है।

 

उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई की विभिन्न चरणों की योजनाओं के तहत लाखों किलोमीटर सड़कों और हजारों पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश की लगभग 3,270 असंबद्ध बसावटों तक आवश्यक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित होगी।


आवासडिजिटल सशक्तिकरण और आजीविका में बदलाव


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य के तहत पिछले 11 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 3.70 करोड़ पक्के मकान बनाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से अधिकांश को स्वीकृति मिल चुकी है।


डिजिटल और तकनीकी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत 3.28 लाख गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है और 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड जारी किए गए हैं। डिजिटल भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 99.8 प्रतिशत भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।


आजीविका मिशन के तहत 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी’ की संख्या 2.5 करोड़ को पार कर चुकी है, जो ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।


29 जनवरी 2026


Looking for more press releases?

Browse All Press Releases

More Press Releases

Twitter
Facebook
Instagram
YouTube
LinkedIn