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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत 25,863 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत 25,863 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वीबी-जी रामजी योजना के तहत 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की। इस दौरान उन्होंने योजना के पहले सप्ताह की प्रगति की समीक्षा की और बताया कि देशभर में इसका क्रियान्वयन सुचारु रूप से शुरू हो चुका है।
25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी
केंद्र सरकार ने राज्यों की मांग के आधार पर वीबी-जी रामजी योजना के लिए 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। इसका उद्देश्य राज्यों को समय पर धन उपलब्ध कराना है ताकि ग्रामीण श्रमिकों को निर्धारित समय के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जा सके।
पूरे देश में बिना किसी बाधा के लागू हुई योजना
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार का लक्ष्य था कि 1 जुलाई से वीबी-जी रामजी योजना पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू हो। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ है और मनरेगा से नई योजना में बदलाव (ट्रांजिशन) पूरी तरह सहज रहा। अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी शिकायत सामने नहीं आई है।
पहले सप्ताह में लाखों ग्रामीणों को मिला रोजगार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू हो चुके हैं और लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि इन राज्यों ने पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया। वहीं ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में जल्द कार्य शुरू करने तथा झारखंड से योजना की अधिसूचना जारी कर आवश्यक बजटीय व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
मजदूरी दर में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
वीबी-जी रामजी योजना के तहत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
15 दिनों के भीतर होगा मजदूरी का भुगतान
केंद्रीय मंत्री ने बताया की पहली किस्त जारी करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान हो सके। केंद्र ने सभी राज्य सरकारों से भी समय पर अपनी हिस्सेदारी जारी करने का आग्रह किया है, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के प्रभावी संचालन के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। भविष्य में भी राज्यों की आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी।
ग्राम पंचायतें तय करेंगी विकास कार्य
योजना के तहत ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन करेंगी। इससे गांवों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और सहभागी विकास सुनिश्चित होगा।
सोर्स : NBT नवभारत टाइम्स








