Shivraj Singh Chouhan
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28 December 2025 at 07:18 am IST

शिवराज बोले-हर भारतीय को एक दक्षिण भारतीय भाषा सीखनी चाहिए:मैं भी एक सीख रहा हूं; इससे राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी

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चेन्नई: केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि हर भारतीय को कम से कम एक दक्षिण भारतीय भाषा जरूर सीखनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि वे खुद भी किसी एक दक्षिण भारतीय भाषा को सीखने की कोशिश कर रहे हैं।


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चौहान शनिवार को तमिलनाडु के होसुर में आयोजित मेगा किसान संगोष्ठी में शामिल हुए। यह कार्यक्रम सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया था। इस दौरान शिवराज ने कहा कि भारत की भाषाई विविधता हमारी ताकत है और एक-दूसरे की भाषाएं सीखने से राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ मजबूत होती है।


चौहान ने कहा कि सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनुभवों से प्रेरित होकर सरकार वृक्ष आधारित कृषि को लेकर एक नई नीति बनाने पर काम करेगी। ईशा फाउंडेशन पहले से ही इस दिशा में काम कर रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।


शिवराज की 2 बड़ी बातें...

  • ईशा फाउंडेशन किसानों के बीच पेड़ आधारित खेती को बढ़ावा दे रहा है, जिसमें पर्यावरण सुधार और किसान समृद्धि की बड़ी संभावना है। सद्गुरु के मार्गदर्शन में किसानों को प्रकृति संरक्षण का भागीदार बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।


  • ‘सेव सॉयल’ अभियान संदेश देता है कि स्वस्थ मिट्टी जीवन, खाद्य सुरक्षा और जलवायु संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। पुनर्योजी खेती यानी जमीन को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे फिर से स्वस्थ और उपजाऊ बनाने से इंसान और प्रकृति के बीच बिगड़ा संतुलन दोबारा कायम किया जा सकता है।


सद्गुरु बोले- खेती को बेवजह के नियमों से आजाद किया जाना चाहिए


कार्यक्रम में सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा कि खेती को बेवजह के नियमों और पाबंदियों से आजाद किया जाना चाहिए। सद्गुरु ने कहा कि किसान अपनी जमीन पर जो भी उगाता है, उस पर पूरा अधिकार किसान का होना चाहिए।


साथ ही उन्होंने मंत्री से कृषि भूमि पर उगाई गई फसलों और जंगलों में उगने वाले उत्पादों के बीच स्पष्ट अंतर करने की मांग की।


सोर्स: दैनिक भास्कर

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