

नई दिल्ली/भोपाल: पंजाब में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) को बदलकर विकसित भारत-रोजगार और आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G) लाए जाने के खिलाफ राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब सरकार और विपक्षी दलों पर हमला बोला। शिवराज ने कहा कि करीब 20 साल पहले मनरेगा योजना अस्तित्व में आई थी, उससे पहले भी कई योजनाएं आईं, लेकिन एक के बाद एक उनका स्वरूप और उद्देश्य बदलता चला गया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा धीरे-धीरे भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीनों से काम कराया जाने लगा और भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद गांवों का सुनियोजित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि इस विषय पर पिछले एक साल से गहन विचार-विमर्श चल रहा था, जिसके बाद विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ‘जी राम जी योजना’ लाई गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना विकसित भारत के साथ-साथ विकसित गांव का है। इसी सोच के तहत अब गांवों के विकास का प्लान ग्राम पंचायत स्वयं तैयार करेगी, ताकि योजनाएं जमीन पर असरदार तरीके से लागू हो सकें।
विपक्ष और पंजाब सरकार पर तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री ने संसद में विपक्ष के व्यवहार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष ने हंगामा किया, लेकिन उन्होंने पूरी दृढ़ता के साथ अपनी बात रखी।
पंजाब में संसद द्वारा पारित कानून के खिलाफ एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह संविधान और संसद की व्यवस्था के खिलाफ है। शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और उसके सहयोगी दल अंध विरोध की राजनीति कर रहे हैं, जबकि खुद पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार के कई मामले हैं।
अमित शाह की तारीफ पर बोले- मोहन यादव तेज गति से कर रहे काम
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ग्वालियर में मुख्यमंत्री की तारीफ किए जाने के सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. मोहन यादव उनसे भी अधिक ऊर्जा और तेज गति से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का विकास तेजी से हो रहा है और इसके लिए उनकी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री के साथ हैं।
राहुल गांधी पर टिप्पणी
राहुल गांधी द्वारा मंत्री को योजना की जानकारी नहीं होने संबंधी सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी “कल्पनालोक में रहते हैं” और देश की वास्तविकता से कटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की प्रक्रिया के बिना कोई योजना लागू होना संभव ही नहीं है।
ममता बनर्जी के मंदिर ऐलान पर प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उत्तर बंगाल में महाकाल मंदिर बनाने के ऐलान पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन्हें चुनाव के समय ही मंदिर याद आते हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर और धार्मिक गतिविधियां आस्था का विषय होती हैं, लेकिन जब धार्मिक संस्थाओं पर हमले होते हैं, तब यही लोग चुप रहते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा- “चुनाव आते ही त्रिपुण्ड लगाते हैं, हनुमान चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने लगते हैं।
पंजाब विधानसभा में विधेयक/प्रस्ताव
शिवराज ने कहा कि पंजाब सरकार ने 30 दिसंबर को एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाया है, जिसमें VB-G RAM G कानून के खिलाफ एक प्रतिपाद (resolution/proposal) लाया जाएगा। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के इस नए कानून को ग्रामीण आजीविका के लिए खतरा बताते हुए पारित करने की कोशिश करेगा।
राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने कहा है कि नए कानून से ग्रामीण मजदूरों, गरीबों और अनुसूचित जाति समुदायों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और इसे पंजाब “काला कानून” बताया जा रहा है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद और प्रेस में बार-बार इस नए कानून का समर्थन किया है। वे कहते हैं कि यह मनरेगा का उन्नत रूप है, जिसमें रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिनों तक की गई है और ग्राम पंचायतों को योजनाओं का अधिक अधिकार दिया गया है।
शिवराज सिंह चौहान विरोधियों पर भी हमला बोलते हुए कहते रहे हैं कि उनका आरोप ‘‘राजनीतिक” दिशा से प्रेरित है, जबकि नया कानून ग्रामीण विकास को मजबूत करेगा।
सोर्स: दैनिक भास्कर
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