

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक की।
इस बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण विकास योजनाओं को तेज गति से लागू करने और केंद्र व राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जुलाई से लागू होगी VB G RAM G योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी VB G RAM G योजना को आगामी 1 जुलाई से पूरे बिहार में लागू कर दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इसके सफल क्रियान्वयन के लिए काम करेंगी।
30 जून तक होगा मनरेगा का लंबित भुगतान
बैठक में मनरेगा के तहत बकाया मजदूरी भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से 30 जून से पहले सभी लंबित भुगतान कर दिए जाएंगे। इससे लाखों ग्रामीण मजदूरों को राहत मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर दिलाने की कोशिश
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 1 करोड़ 4 लाख लोगों की पहचान की गई थी, जिनमें लगभग 60 लाख लोग पात्र पाए गए हैं। राज्य सरकार चाहती है कि इन सभी जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द पक्का घर मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बिहार में आवास निर्माण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
लखपति दीदी अभियान में बिहार देश में नंबर वन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। लखपति दीदी अभियान में बिहार पूरे देश में पहले स्थान पर है। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाले सरस मेलों को भी केंद्र सरकार का सहयोग मिलेगा।
प्याज, टमाटर और आम के लिए बनेंगे आदर्श केंद्र
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में विभिन्न फसलों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (आदर्श केंद्र) स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बक्सर और लखीसराय में टमाटर एवं प्याज के आदर्श केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया। इसके अलावा आम और अन्य बागवानी फसलों के लिए भी विशेष केंद्र विकसित किए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ेंगे बिहार के फल
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए बिहार के फलों और कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं और इसका लाभ किसानों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
मखाना बोर्ड गठन की प्रक्रिया तेज करने की मांग
बैठक में मखाना उत्पादन को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'वैश्विक बाजार में मखाना की बढ़ती मांग को देखते हुए मखाना बोर्ड के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए, ताकि बिहार के मखाना उत्पादकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।'
बिहार कृषि रोडमैप लागू करने वाला देश का पहला राज्य रहा है। अब राज्य में इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत खेती) को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत खेती, पशुपालन, मत्स्यपालन और बागवानी को एक साथ जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। बिहार को इस क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने की दिशा में काम होगा।'
जल संरक्षण और मिट्टी संरक्षण पर विशेष जोर
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए वॉटरशेड परियोजनाओं तथा मिट्टी संरक्षण कार्यक्रमों को तेजी से लागू करने का निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि टिकाऊ कृषि के लिए जल और मिट्टी संरक्षण बेहद जरूरी है।
केंद्र सरकार ने दिया हर संभव सहयोग का भरोसा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री की मांगों और प्रस्तावों पर सहमति जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बिहार के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी।
सोर्स दैनिक भास्कर
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