नई दिल्ली. भारत- अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता भारत के कृषि हितों, विशेष रूप से खेती और डेयरी क्षेत्र के हितों की पूरी तरह रक्षा करता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह समझौता कूटनीति, विकास और गरिमा का नया मानक स्थापित करता है. प्रधानमंत्री ने शुरू से ही स्पष्ट कर दिया था कि किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. चौहान ने कहा कि देश की 50% से अधिक कार्यबल को रोजगार देने वाले क्षेत्र में भ्रम से बचने के लिए स्पष्ट संवाद जरूरी है. उन्होंने दोहराया, “किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं. उनका कल्याण ही राष्ट्र का कल्याण है.” उन्होंने कहा कि कृषि संप्रभुता बनाए रखने के प्रति भारत का रुख दृढ़ और बिना किसी समझौते के है.
दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए चौहान ने समझौते से खुलने वाली निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत पहले से ही अमेरिका सहित कई देशों को चावल निर्यात करता है और हाल ही में लगभग ₹63,000 करोड़ का निर्यात दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि शुल्क में कमी से भारत के चावल, मसाले और वस्त्र निर्यात को सीधा लाभ होगा. वस्त्र निर्यात में वृद्धि से कपास उगाने वाले लाखों किसानों को फायदा पहुंचेगा. मंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी के बावजूद यह समझौता पूरी तरह भारतीय किसानों के हित में बनाया गया है और नए निर्यात अवसर खोलता है.
फसल और डेयरी उत्पादों को नहीं खतरा
चौहान ने कहा कि भारत के मुख्य खाद्यान्न, फल, प्रमुख फसलें, मोटे अनाज (मिलेट्स) और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर किसी प्रकार का खतरा नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटे और बड़े सभी किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है और यह समझौता भारतीय कृषि के लिए जोखिम नहीं बल्कि नए अवसर पैदा करेगा.
किसानों को नहीं होगा नुकसान
कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि भारतीय बाजार में विदेशी उत्पादों का कोई अचानक या बाधक प्रवेश नहीं होगा. उन्होंने कहा कि किसी भी बाजार खंड को इस तरह नहीं खोला गया है जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे. सभी प्रमुख फसलें, खाद्यान्न, फल और डेयरी उत्पाद सुरक्षित हैं. अमेरिकी कृषि उत्पादों को अधिक पहुंच देने संबंधी अमेरिकी ट्रेजरी सचिव के हालिया ट्वीट से पैदा हुई भ्रम की स्थिति पर चौहान ने कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही संसद में तथ्य स्पष्ट कर चुके हैं.
सोर्स: NEWS18