

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस योजना में रोजगार को कम नहीं, बल्कि और मजबूत किया गया है. रोजगार दिवसों की संख्या को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया है.
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार (27 दिसंबर, 2025) को मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शोर सिर्फ राजनीतिक है. कांग्रेस के पास न नीयत थी, न नीति. उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस है, जिसने चुनावी फायदे के लिए महात्मा गांधी जी का नाम जोड़ा. यह वही कांग्रेस है, जिसने समय-समय पर मनरेगा का बजट कम किया. यह वही कांग्रेस है, जिसने मजदूरी फ्रीज की. आज कांग्रेसी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. शिवराज ने कहा कि आज जब तकनीक, पारदर्शिता और समय पर भुगतान के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पैसा सीधे मेहनतकश के खाते में पहुंचे, तो कांग्रेस को इसमें हमला नजर आता है. इस योजना में तय किया गया है कि फैसले अब दिल्ली से नहीं, बल्कि गांव से निकलेंगे. ग्राम पंचायतें बैठ कर अपने प्लान स्वयं बनाएंगी.
रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 हुई: शिवराज
उन्होंने कहा, ‘इस योजना में रोजगार को कम नहीं, बल्कि और मजबूत किया गया है. रोजगार दिवसों की संख्या को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया है. तय समय में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान है और यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो विलंब भुगतान पर अतिरिक्त मुआवजे का प्रावधान है. साफ है रोजगार सुरक्षा घट नहीं रही, बल्कि बढ़ रही है.
उन्होंने आगे कहा, ‘ग्राम सभा और पंचायत के अधिकार कमजोर नहीं, बल्कि और सशक्त हो रहे हैं. कार्यों की पहचान और उनकी प्राथमिकता ग्राम सभा तय करेगी. क्रियान्वयन, निगरानी और गुणवत्ता की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित की गई है. साथ ही सोशल ऑडिट को अनिवार्य बनाकर खर्च और भुगतान की सार्वजनिक समीक्षा का प्रावधान किया गया है. महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया है.
मजदूरों के अधिकार किसी खैरात की तरह नहीं: शिवराज चौहान
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हर पंचायत एक जैसी नहीं है. जो पंचायतें सबसे अधिक पिछड़ी हैं, जहां आज भी रोजगार की सख्त आवश्यकता है और बुनियादी ढांचे की कमी है, वहां अधिक निधि, अधिक सहायता और अधिक अवसर पहुंचें, इसकी भी व्यवस्था की गई है. इस योजना में मजदूरों के अधिकार किसी खैरात की तरह नहीं, बल्कि सम्मानजनक सुरक्षा के रूप में सुनिश्चित किए गए हैं.
उन्होंने कहा, ‘अपने ही गांव में समय पर काम, सम्मानजनक मजदूरी और सुरक्षित कार्य-स्थितियां इसका आधार हैं. पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान, परिसंपत्तियों के निर्माण और आजीविका से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्थायी आय वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया गया है. यहां अधिकार दया पर नहीं, गारंटी और सम्मान के साथ दिए जा रहे हैं.
वीबी-जी राम जी ग्रामीण भारत का भविष्य है: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘वीबी–जी राम जी, ग्रामीण भारत का भविष्य है. इसका लक्ष्य सशक्त गांव, सम्मानित मजदूर है. हमारा संकल्प ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भरता है, हमारा विजन ग्राम आधारित विकास है. हमारा उद्देश्य श्रम का सम्मान है. हमारा ध्येय जनभागीदारी और सामाजिक जवाबदेही है.
सोर्स: एबीपी न्यूज़
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