Shivraj Singh Chouhan
Hero Background
9 January 2026 at 12:05 pm IST

Budget 2027 से पहले खेती पर बड़ा मंथन, शिवराज सिंह चौहान ने वैश्विक संस्थाओं से की सीधी बातचीत

News Content

नई दिल्ली: केंद्र सरकार की आम बजट को लेकर तैयारियां तेज है. इस बीच, बजट पूर्व तैयारियों के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि भवन, नई दिल्ली में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय विकास संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय संवाद किया. इस बैठक का उद्देश्य भारतीय कृषि के दीर्घकालिक विकास, किसानों की आय बढ़ाने और वैश्विक अनुभवों को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने पर मंथन करना था. दरअसल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों बजट से पहले कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से लगातार संवाद कर रहे हैं.


इन वैश्विक संस्‍थाओं संग की बैठक


इसी क्रम में हुई इस बैठक में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO), वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP), इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (IFAD), वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB), GIZ और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए.


वैश्विक खाद्य आपूर्ति में भारत का अहम योगदान


बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की कृषि यात्रा खाद्य संकट से निकलकर वैश्विक खाद्य आपूर्ति में अहम योगदान देने तक पहुंच चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज कई कृषि उत्पादों का बड़ा निर्यातक बन चुका है. उन्होंने कहा कि देश ने खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के बाद अब पोषण सुरक्षा, टिकाऊ आजीविका और किसानों की आमदनी बढ़ाने को प्राथमिकता दी है.


डिजिटल एग्रीकल्चर को कृषि नीति का मजबूत स्तंभ बताते हुए चौहान ने कहा कि सरकार टेक्नोलॉजी के जरिए खेती को अधिक पारदर्शी और किसान हितैषी बना रही है. ई-नाम, डिजिटल फसल आकलन, डेटा आधारित सेवाएं और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म किसानों को बेहतर बाजार, सही जानकारी और समय पर निर्णय लेने में मदद कर रहे हैं.


पर ड्रॉप मोर क्रॉप अभियान का किया जिक्र


जल संरक्षण पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” अभियान का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि माइक्रो इरिगेशन, सिंचाई दक्षता और जल संरक्षण तकनीकों से न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि किसानों की लागत भी घटेगी और उत्पादन में सुधार आएगा.


चौहान ने पोषण आधारित खेती और फसल विविधीकरण को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि मंत्रालय मांग आधारित कृषि उत्पादन और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप फसलों को बढ़ावा दे रहा है. इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.


अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने दिए ये सुझाव


बैठक में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छोटे किसानों के लिए बेहतर मार्केट एक्सेस, मूल्य संवर्धन, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे सुझाव दिए. साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और रियल टाइम क्रॉप मॉनिटरिंग के जरिए जोखिम प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया. हाई वैल्यू क्रॉप्स, ऑर्गेनिक फार्मिंग, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को किसानों के लिए फायदेमंद बताया गया.


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अपने सफल कृषि मॉडल और अनुभव दुनिया के साथ साझा करने को तैयार है, वहीं वैश्विक नवाचारों से सीखकर उन्हें भारतीय हालात के अनुसार अपनाया जाएगा. उन्होंने सभी संस्थानों का आभार जताते हुए कहा कि सरकार, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और किसानों के संयुक्त प्रयास से भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और आधुनिक बनाया जाएगा. बैठक में कृषि सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी, ICAR के महानिदेशक डॉ मांगीलाल जाट सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.


सोर्स: किसान तक


Looking for more news?

Browse All Latest News

More Latest News

Twitter
Facebook
Instagram
YouTube
LinkedIn